9:18 pm 0 Comments

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

बोली

•बोली एक छोटे क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा को बोली कहते है।

जैसेः खड़ी बोली , ब्रजभाषा , बुन्देली, कन्नौजी , हरियाणवी, मेवाती, मालवी, मारवाड़ी , जयपुरी , गढ़वाली , कुमाऊँनी , मैथिली , मगही , भोजपुरी , आदि

बोली की विशेषताएँ:

1.बोली एक छोटे क्षेत्र में बोली जाती है।

2.बोली में स्थानीय शब्दों की बहुलता होती है।

3.बोली में साहित्य की रचना नहीं होती है।

4.बोली की अपनी लिपि नहीं होती है।

5.बोली की अपनी व्याकरण नही होती है।

6.बोली में लोग गीत पायी जाती है।

Related Posts

हिन्दी की उपभाषाएँ एवं हिन्दी की प्रमुख बोलियाँ

हिन्दी की उपभाषाएँ एवं हिन्दी की प्रमुख बोलियाँ : 1927 में जार्ज ग्रियर्सन ने हिन्दी की पाँच उपभाषाएँ एवं 17 बोलियाँ बताएँ है। हिन्दी की पाँच उपभाषाएँ है: 1.पश्चिमी हिन्दी 2.पूर्वी हिन्दी 3.राजस्थानी हिन्दी…

खड़ी बोली – Khadi Boli

खड़ी बोली • खड़ी शब्द का अर्थ - शुद्ध , स्थिर , परिनिष्ठत 1. पं० कामता प्रसाद गुरु – "खड़ी" का अर्थ कर्कश (कठोर) बताया। 2. सर जॉन गिलक्राइस्ट – "खड़ी" का अर्थ मानक…

लिखित भाषा

लिखित भाषा यदि कोई व्यक्ति अपने विचार एवं भाव को लिखकर प्रकट करता है और अन्य कोई व्यक्ति उसे पढ़कर समझ जाता है तो उसे लिखित भाषा कहते है। •लिखित भाषा की सबसे छोटी…